STORYMIRROR

स्वर्ग सम यह संसार अविरल सतत् प्रवाह बच्चे खुशहाली कुछ भी न चाह आप ही है प्रकृति अल्कोहल तत्परता जरूरत बदले में पालन-पोषण न्यायपूर्ण मात्रा देवी सम पूज्य नि:स्वार्थ भावों मां प्यारी कृष्ण मुरारी यशोदा शिक्षा सबकी रक्षा के हित

Hindi सरित सम Quotes